बथुआ खाने के फायदे और उपयोग – Bathua Khane Ke Fayde aur Upyog

बथुआ हरी सब्जी मार्केट में आसानी से मिल जाता है, और देश भर में लोग बथुआ का सेवन करते हैं! आप भी जरूर बथुआ को खाते होंगे, लेकिन आपको केवल यह पता होगा कि बथुआ को साग के रूप में खाया जाता है! अधिकतर लोगो को बथुआ के औषधीय गुणों के बारे में अधिक जानकारी ही नहीं है! बथुआ एक औषधी भी है, जिसके खाने के फायदे कई रोगों में मिलते हैं!

आयुर्वेद के अनुसार, बथुआ एक बहुत ही फायदेमंद औषधि भी है! आप बथुआ के इस्तेमाल से कई रोगों का उपचार कर सकते हैं! आइए जानते हैं कि हरे रंग का यह पौधा आपके कितने काम आ सकता है, और आप बथुआ के प्रयोग से अनेक प्रकार के रोग में लाभ पा सकते हैं!

बथुआ क्या है? (What is Bathua?)

बथुआ एक महत्त्वपूर्ण तथा स्वास्थ्यवर्धक सब्ज़ी (Bathua vegetable) है! इस पौधे के पत्ते शीतादरोधी (Antiscorbutic) तथा पूयरोधी (Antidiuretic) होते हैं! बथुए में अनेक प्रकार के लवण एवं क्षार पाए जाते हैं, जिससे यह पेट रोग के लिए फायदेमंद होता ही है हमे अनेक बीमारियों से लड़ने में मदद करता है!

बथुआ का उपयोग नाक-कान से खून बहने की समस्या में लाभ (Benefits of Bathua Seeds to Stop Bleeding)

नाक-कान आदि अंगों से खून बहने की स्थिति में बथुआ के बीजों (1-2 ग्राम) का चूर्ण बना लें! इसे मधु के साथ सेवन करें! इससे रक्तपित्त में लाभ होता है!

दांतों के दर्द में बथुआ का प्रयोग (Bathua Benefits to Cure Dental Pain)

दांत में दर्द हो रहा हो तो बथुआ के बीज का चूर्ण बनाकर दांतों पर रगड़ें! इससे दांत का दर्द तो ठीक हो जाता है, साथ ही मसूड़ों की सूजन भी कम हो जाती है!
बथुआ के पत्तों को उबालकर पीस कर इसे सूजन वाले अंग पर लगाने से सूजन कम हो जाती है!

बथुआ के सेवन से खांसी का इलाज (Bathua Saag Benefits for Vata Disorder)

बथुआ के पत्तों की सब्जी बनाकर खाये, इससे खांसी में हमें बहुत आराम मिलता है!

बथुआ के सेवन से मूत्र रोग में लाभ (Benefits of Bathua Saag Benefits for Urinary Disease)

मूत्र रोग को ठीक करने के लिए बथुआ के पत्ते का रस (5 मिली) निकाल लें! इसमें मिश्री मिलाकर पीने से मूत्र विकार खत्म होते हैं!

कब्ज की समस्या में फायदेमंद बथुआ का उपयोग (Benefits of Bathua Leaves in Fighting with Constipation)

कब्ज की समस्या को दुर करने के लिए बथुआ के पत्तों की सब्जी (bathua vegetable) बनाकर खाएं! इससे कब्ज के साथ-साथ बवासीर, तिल्ली विकार, और लिवर के विकारों में लाभ मिलता है!

दस्त में बथुआ का औषधीय गुण (Benefits of Bathua)

दस्त को ठीक करने के लिए बथुआ का सेवन करना फायदा देता है! बथुआ की सब्जी का सेवन करें, इससे दस्त में फायदा होता है!

बथुआ के औषधीय गुण से पेचिश का इलाज (Benefits of Bathua Leaves in Dysentery)

पेचिश में लाभ लेने के लिए बथुआ के पत्तों की सब्जी बना लें, इसमें घी मिला लें और इसका सेवन करने से पेचिश में लाभ होता है!

खूनी बवासीर में बथुआ खाने के फायदे (Bathua Leaves Benefits for Piles)

बथुआ का सेवन खूनी बवासीर में भी लाभ पहुंचाता है! बथुआ के पत्ते के रस को बकरी के दूध के साथ सेवन करें! इससे खूनी बवासीर में फायदा होता है!

मोच आने पर बथुआ का सेवन (Bathua Plant Benefits to Treat Sprain)

मोच आने पर बथुआ क पत्ते को पीसकर लगाएं! इससे मोच का दर्द कम हो जाता है!

जोड़ों के दर्द (गठिया) में बथुआ का सेवन (Bathua Leaves Benefits for arthritis)

जोड़ों में होने वाले दर्द के कारण लोगों को बहुत तकलीफ होती है! शरीर के जिस अंग में तकलीफ हो रही हो, उस अंग की गतिशीलता में कमी आ जाती है! आप जोड़ों के दर्द में बथुआ का सेवन करे! इससे जोड़ों के दर्द से बहुत आराम मिलेगा!

बथुआ के पत्ते एवं तना का काढ़ा बनाकर जोड़ों पर लगाएं! इससे जोड़ों के दर्द बहुत जल्द ही ठीक होते हैं!

आग से जलने पर बथुआ का सेवन (Bathua Leaves Benefits in Fire Burning)

आग से कोई भी अंग जल गया है तो बथुआ के पत्ते के रस को जले हुए स्थान पर लगाएं! इससे बहुत ही लाभ होता है!

बथुआ के सेवन से रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती (Bathua Saag Benefits to Boost Immune)

रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर हो जाने पर लोगों को अनेक बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है! इसलिए रोग प्रतिरक्षा शक्ति का मजबूत होना बहुत जरूरी है! जिन लोगों कि रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर हो, वे बथुआ के शाक (सब्जी) में सेंधा नमक मिलाकर, छाछ के साथ सेवन करें। इससे रोग से लड़ने की शक्ति (रोग प्रतिरक्षा शक्ति) मजबूत होती है!

बथुआ का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use Bathua Leaves?)

लोग बथुआ की सब्जी बनाकर खाते हैं, लेकिन इसका औषधीय इस्तेमाल भी बहुत फायदेमंद होता है! बेहतर परिणाम के लिए आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से बथुआ के उपयोग की पूरी जानकारी जरुरी है!

बथुआ के औषधीय गुण से ल्यूकोरिया रोग में फायदा (Benefits of Bathua Plant to Treat Leucorrhoea)

बथुआ का इस्तेमाल ल्यूकोरिया में भी लाभ पहुंचाता है! ल्यूकोरिया से पीड़ित लोग 1-2 ग्राम बथुआ के जड़ को जल या दूध में पकाएं। इसे तीन दिन तक पिएं! इससे ल्यूकोरिया में लाभ होता है!

जोड़ों के दर्द (गठिया) में बथुआ से फायदा (Bathua Leaves Benefits for arthritis)

जोड़ों में होने वाले दर्द के कारण लोगों को बहुत तकलीफ झेलनी पड़ती है! शरीर के जिस अंग में तकलीफ हो रही हो, उस अंग की गतिशीलता में कमी आ जाती है! आप जोड़ों के दर्द में बथुआ का सेवन करे! इससे जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलेगा!

बथुआ के पत्ते एवं तना का काढ़ा बनाकर जोड़ों पर लगाएं! इससे जोड़ों के दर्द ठीक होते हैं!

खूनी बवासीर में बथुआ खाने के फायदे (Bathua Leaves Benefits for Piles)

बथुआ का सेवन खूनी बवासीर में भी लाभ पहुंचाता है! बथुआ के पत्ते के रस को बकरी के दूध के साथ सेवन करें! इससे खूनी बवासीर में फायदा होता है!

बथुआ के औषधीय गुण से पेचिश का इलाज (Benefits of Bathua Leaves in Dysentery)

पेचिश में लाभ लेने के लिए बथुआ के पत्तों की सब्जी बना लें और इसमें घी मिलाकर इसका सेवन करने से पेचिश में लाभ होता है!

पीलिया में फायदेमंद

बथुआ और गिलोय का रस लेकर एक सीमित मात्रा में दोनों को मिलाएं, फिर इस मिश्रण का 25-30 ग्राम रोजाना दिन में दो बार लें!

भूख में कमी आना, खाना देर से पचना, खट्टी डकार आना जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी बथुआ खाना फायदेमंद है!

खून साफ करे

बथुए को 4-5 नीम की पत्तियों के रस के साथ खाया जाए तो खून अंदर से शुद्ध हो जाता है! साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है!

चर्म रोग दूर कर देता है!

बथुए को उबालकर इसका रस पीने और सब्जी बनाकर खाने से चर्म रोग जैसे सफेद दाग, फोड़े-फुंसी, खुजली में भी आराम मिलता है! इसके अलावा बथुए के पत्तों को पीसकर इसका रस निकालें! अब 2 कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाएं और इसे धीमी आंच पर पकाएं। इसके पानी को पिएं! इससे हमें बहुत आराम मिलता है!

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