लहसुन और उसके पत्ते के अजब चमत्कारी फायदे जो आप ने कभी सुना न देखा होगा

भारत में बहुत तरह की सब्जियाँ पायी जाती है। उनमे से एक है, लहसुन जो भारतवासियों को बहुत प्रिय है। लहसुन बारोमास आने वाली सब्जी है। ठंडी में उगाई जाने वाली लहसुन में हरे रंग की पत्तिया भी निकलती है। जो हमारे हरी प्याज के पत्तो की तरह होती है। लोग इन दोनों के पत्तो को मिलाकर सब्जी मानते है, जो खाने में बहुत स्‍वादिष्‍ट लगता है। लहसुन उत्तेजक और चर्मदाहक होता है। लहसुन की तासीर काफ़ी गर्म और खुश्क रहती है। बहुत से लोगो को ये सूट नहीं करता है। ख़ासकर गर्मी के मौसम में पित्त प्रधान प्रकृति वाले इसका इस्तेमाल संतुलित रूप में ही करें। ऐसे में लोगो को किसी जानकर से सलाह लेकर इसका सेवन करे। प्राचीन समय से आज तक लहसुन का उपयोग एक औषधीय की रूप में किया जाता है। लहसुन की पत्तिया जब हरी हो तभी उसका सेवन करे सुख जाने के बाद उसके पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते है। लहसुन की गंध बहुत ही तेज और स्वाद तीखा होता है।

कैंसर के लिए फायदेमंद

लहसुन के अंदर डायलिसिल्फ़ाइड और ऑक्सीडेटिव होता है। मानव को तनाव से बचाता है। अगर कोई मानव चिंता करता है, उससे कैंसर जैसी भयानक बीमारी हो जाती है। पेट और ट्यूमर का कैंसर होने की सम्भावना हो तो लहसुन की दो जवा को भूनकर खाली पेट खाये। जिससे कैंसर जड़ से ख़त्म हो जायेगा। लहसुन निरोधक प्रणाली को प्रेरित करता है, कैंसर भड़काने वाले तत्वों का निर्विषीकरण करता है, साथ ही साथ नाइट्रेट के निर्माण में बाधा बनकर यह स्तन, पाचन मार्ग तथा प्रोस्टेट के कैंसरों के इलाज में बहुत चमत्कारी है। लहसुन की पत्तियों को पत्थर पर पीसकर उसके रस को निकालर कर उससे थोड़ा गुनगुना करके उसमे थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर बासी मुँह पीले। ये मुँह के कैंसर के लिए फायदेमंद होता है।

पेचिश में फायदेमंद

आज के समय में लोगो के पास इतना टाइम नहीं रहता है कि वो ठीक से घर का बना भोजन खाना ले। तो वो लोग बहार का भोजन खाना पसंद करते है। जिससे उनका पेट जल्दी ख़राब हो जाता है। ऐसे में उनको घर की देशी दवा करना चाहिए। देशी दवा में १५ ग्राम लहसुन के रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह, दोपहर, शाम तीनो समय कुछ दिन तक ले। परन्तु ध्यान इस बात का रहे कि लहसुन का रस हर बार ताज़ा रहे। जिससे पेचिश बंद हो जायेगी।

दाग़ में फायदेमंद

अगर किसी को दाग़ हुआ है। तो उसे लहसुन खाने की सलाह दी जाती है क्योकि इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल का गुण होता है। दाग़ वाले मनुष्य को खुजली बहुत होती है खुजली को शांत करने किये उनके भोजन में लहसुन जरूर मिला देना चाहिए। जिससे कुछ हदतक खुजली शांत हो जाती है। लहसुन की हरी पत्तियों से सहलाने से भी खुजली शांत हो जाती है।

स्ट्रेच मार्क्स को हटाता है

गर्भावस्था के बाद महिलाओं के पेट के पास स्ट्रेच मार्क्स जो हो जाता है जो देखने में बहुत भदा लगता है। ऐसे में वे लहसुन की तीन या चार कलियों को ले। फिर उसे ९ या १० चम्मच सरसों के तेल में गर्म करे और फिर गुनगुना होने के बाद तेल को स्ट्रेच मार्क के निशान पर लगाए। साथ ही साथ आप एक और चीज़कर सकते है। लहसुन की ताजा पत्तियों के रसो को स्ट्रेच मार्क्स में लगाने से भी स्ट्रेच मार्क्स के निशान कुछ हदतक कम हो जाता है।

हड्डियों के दर्द में फायदेमंद

आजकल हड्डियों की परेशानी छोटे से लेकर बड़े तक को हो रही है। ऐसे में वो लोग अंग्रेजी दवा तो करते है, साथ ही साथ देशी दवा भी करे। इससे किसी भी तरह का कोई नुकशान नहीं होता है। लहसुन ही हड्डियों के दर्द के लिए अचूक इलाज है। क्योकि लहसुन के अंदर ऑस्टियोपोरोसिस और अंडाइक्टोमी-प्रेरित यौगिक होता है। लहसुन डायलिल डाइसल्फाइड मैट्रिक्स को कम करने वाले एंज़ाइमों को दबाने में मदद करता है। अगर जोड़ों के दर्द के साथ उसमे सूजन हो तो उसके ऊपर लहसुन को पीसकर उसके पेस्ट लगाने से सूजन मिट जाता है। और बासी मुँह दो लहसुन की कलियों को खाये है।

अन्य फायदे

● खाली पेट लहसुन की दो कलियों को चबाकर गुनगुने पानी में नींबू का रस निचोड़ कर पीने से वजन कम हो जाता है।
●ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए लहसुन की पत्त‍ियों का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।
●लहसुन ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए दवा की तरह काम करता है।
●लहसुन एक एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है। यह किसी भी प्रकार के घाव को जल्दी भरने में मददगार साबित होता है।
● दिमाग में ब्लड सकुर्लेशन को बेहतर करने में हरी लहसुन की पत्तिया सहायक होती है।
●ठंड के मौसम में होने वाले सर्दी, जुकाम और कफ बनने की समस्या से राहत पाने के लिए नियमित रूप से लहसुन का सेवन जरूरी से करना चाहिए।
●लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
●पेशाब रुकने पर पेट के निचले भाग में लहसुन की पुल्टिस बाँधने से मूत्राशय की निषक्रियता दूर होती है।
●साँप तथा बिच्छू के काटे पर लहसुन की ताजी कलियाँ पीसकर लगाएँ।
●जी मचलने पर लहसुन की कलियाँ चबा लें।
● फ़ंगल-संक्रमण से प्रभावित जगह पर लहसुन का तेल लगा सकते है।