मक्का खाने के फायदे और नुकसान

मक्का को भुट्टा कहा जाता है। भुट्टे को पकाने के बाद उसमे ८०% एंटीऑक्सीडेंट की बढ़ोती हो जाती है। पके हुए भुट्टे में फेरुलिक एसिड होता है, जो कैंसर जैसी बीमारी मे लड़ने में बहुत मददगार होता है। मक्का मधुमेह, हृदय रोगों की रोकथाम, जन्म दोषों की रोकथाम शामिल है। केरोटीन के कारण मक्का पीला होता है। मक्का देखने में सुंदर और खाने में भी बहुत स्वादिस्ट होता है। मक्का कई देशों का मुख्य भोजन है। मक्के की रोटी खाने में बहुत फायदेमंद करती है । भुट्टा आँखो के लिए बहुत चमत्कारी होता है। मक्के में विटामिन “ए”, विटामिन “बी”, विटामिन “इ” और फोलिक एसिड पाया जाता है। मक्का हमेशा से बरसात के दिनों में आता है। मक्के को बरसाती फल कहते है।

कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद

मीठा मक्का बायोफ्लावोनोइड्स में समृद्ध होता है जो कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करके रक्‍त प्रवाह को बढ़ावा देता है। मक्का खाने से हमारे हृदय में रक्त प्यूरीफाई होता है। मक्का में विटामिन “सी”, कैरोटीनॉयड और मिनरल्स पाया जाता है। मक्का को आयुर्वेद में पवित्र औषधीय मानी जाती है। मक्का हमारे दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखता है। कोलेस्‍ट्रोल का उत्‍पादन यकृत द्वारा किया जाता है। मक्का के तेल में एंथैथोजेनिक प्रभाव होता है जो कोलेस्‍ट्रोल के अवशोषण को कम करता है। मक्का खाने से हमारे हृदय में रक्त का संतुलन और कोलेस्‍ट्रोल का संतुलन बना रहता है।

वजन बढ़ाता है

एक कटोरी मक्का में १४० कैलोरी की मात्रा होती है। मक्का को भीगोकर उसमे प्याज, लासून, टमाटर डालकर खाली पेट खाया जाये तो वजन जल्दी से बढ़ता है। भुट्टा वजन में बहुत फायदेमंद है। मक्का और चने की दाल मिलाकर रोटी खाने से वजन बहुत जल्दी बढ़ता है। मक्का में कैलोरी, वसा और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा उपस्थित रहता है।

गर्भावस्था में फायदेमंद

मक्का खाने से बच्चे के जन्म के समय माँ और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्‍वस्‍थ्‍य रहेगे। गर्भावस्था के समय औरतो के अंदर फोलिक एसिड की कमी हो जाती है जिसके कारण बच्चा अंडर वेट और अन्य बीमारियों से पीड़ित हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था के दूसरे महीने से मक्का का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए। गर्भवती औरत मक्का को चबा-चबा कर खाये तो और फायदा करता है। गर्भावस्था के सातवे महीने में औरतो के पैर में सूजन आ जाने पर मक्का और तिल के तेल को गर्म करके लगाने से सूजन में कमी आ जाती है।

कैंसर के लिए फायदेमंद

मक्का के अंदर एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कैंसर फैलाने वाले मुक्त कणों से लड़ता है। अन्य कई खाद्य पदार्थों की अपेक्षा मक्के का उपयोग आहार के रूप में रोज़ाना करने से कैंसर की बीमारी जड़ से ख़त्म हो जाती है। सफेद और बैंगनी मक्का खाने से हमारे हृदय में कैंसर के कण को उतपन नहीं होने देती है।

एनीमिया में फायदेमंद

रोज़ाना मक्का खाने से लौह की पूर्ती हो जाती है। मक्का खाने से एनीमिया से पैदा होने वाले अन्य रोग जड़ से ख़त्म हो जाता है। मक्का में विटामिन”सी११, आयरन, विटामिन”बी१२” और फोलिक एसिड पाया जाता है। मानव इन सब की कमी के कारण एनीमिया बीमारी से शिकार हो जाता है। मक्का नयी लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए सभी आवश्‍यक खनिजों में से एक है।

अन्य फायदे

मक्का खाने से मानसिक टेंशन नहीं होती है साथ ही साथ नींद भी अच्छी आती है। भुट्टा खाने से दाँत मजबूत होता है। भुट्टा खाने के बाद उसको बीच से तोड़कर सूंघने से सर्दी-जुकाम कभी नहीं होता है। मक्का दिल के लिए लाभकारी होता है। मक्का खाने से खांसी में बहुत आराम मिलता है। मक्का खाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।

नुकसान

मक्का ज्‍यादा सेवन करने से गैस, पेट फूलना और सूजन जैसी समस्‍याएं हो सकती है। उच्च मात्रा में मक्का खाने से पिलाग्रा होने का खतरा बढ़ जाता है। मीठा मक्का आंतों के कई विकारों को भी बढ़ा देता है। मीठा मक्का में कैल्शियम बहुत ही कम मात्रा में होता है, जिससे गुठनो का दर्द हो सकता है। मक्का को कच्चा खाने से दस्त और उल्टी होने लगती है।

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