पपीता का औषधीय वर्धक फायदे

पपीता का औषधीय वर्धक फायदे

पपीता का बीज फेनोलिक, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस में समृद्ध होते हैं। पपीता का बीज जिगर को डेटोक्सीफाय करने में मदद करते हैं। पपीते के बीज में वसा अधिक होते हैं इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। फल के गूदे के अलावा इस फल के बीज भी खाए जाते हैं और उनमें एक तीखा, काली मिर्च का स्वाद होता है। पपीता एक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक फल के साथ ही इसके पेड़ में भी कई औषधीय गुण पाए जाते है। हालांकि यह फल बच्चों को कम ही भाता है, परन्तु यह कई रोगों का एक मात्र उपचार है। पपीते में विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा कैरोटीन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जिससे व्यक्ति का यौवन लंबे समय तक बना रहता है। कच्चे पपीते में विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हमारे शरीर में नब्बे प्रतिशत बीमारियां पेट से ही उपजती हैं। खान पान की गड़बड़ी और पाचन तंत्र की खराबी के कारण की शरीर को उचित पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। जिसके कारण ही लंबे समय के बाद शरीर में रोग उत्पन्न होने लगते हैं।पपीता रोजाना की डाइट में शामिल किया जाना चाहिए । जिसके सेवन मात्र से कई तरह की बीमारियों से दूर रहा जा सकता है।

पपीता में उपस्थित पोषण तत्व

कार्बोहाइड्रेट १५ ग्राम
पोटैशियम १९५ ग्राम
फाइबर २.१ ग्राम
विटामिन सी १२१ %
शुगर ७ ग्राम
विटामिन ऐ १९ %
प्रोटीन २ ग्राम
कैलोरी ११० ग्राम
आयरन ८० ग्राम

पाचनशक्ति को बढ़ाना

आज के दौर में लोग फास्ट फूड को ही पसंद करते हैं। पपीता में मौजूद पपेन नामक पाचन एंजाइम की उच्च मात्रा पाचन प्रक्रिया को उत्तेजित करने में भी सहायक है। साथ ही इसमें कई डाइट्री फाइबर्स भी होते हैं जिसके वजह से पाचन क्रिया सही रहती है और व्यक्ति कब्ज से परेशान नहीं रहता। पपीता आँतो के उचित कार्य को बढ़ावा देता है। साथ ही रोजाना पपीते का सेवन कभी-कभी फास्ट फूड के सेवन से होने वाले विपरीत प्रभावों से भी हमें दूर रखता है। पपीता कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है।

पपीता त्वचा और फेस को चमकाए

पपीते में कई स्वस्थ घटक हैं जो आपकी त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते हैं। यदि धूप में ज्यादा रहना पड़ता है तो रोज पपीते का गूदा मलने से धूप से होने वाले नुकसान नहीं होते। अधिकतम त्वचा लाभों का आनंद लेने के लिए पपीता का उपयोग एक फेस पैक के रूप में किया जा सकता है। कुछ दिन लगातार पके हुए पपीते का गूदा चेहरे पर मलने से झाइयां मिटती है। पपीता मुँहासे का इलाज करने और त्वचा के संक्रमण को रोकने में मददगार है। पपीते को फेस पैक के रूप में प्रयोग किया जाये तो यह त्वचा के छिद्रों को खोलने में मदद करता है तथा मृत त्वचा की कोशिकाओं को निकालने और आपको ताजी और चमकदार त्वचा देता है। फेस पैक में पपीते का गूदा मिला कर लगाया जाये गए तो आप का चेहरा खिल उठेगा। पपीता खाने से भी चेहरे की चमक बनी रहती है।

सूजन और गठिया में चमत्कारी

पपीता में कई तरह के एंटी-इंफ्लेमेटरी एंजाइम होते हैं जो गठिया के दर्द को दूर करने में सहायता करते हैं । पपीते के पत्ते को पीस कर तिल के तेल में मिलाकर पेस्ट बना लें। पेस्ट को थोड़ा गर्म करके लगाने से गठिया, संधिवात, हाथीपांव आदि की सूजन में आराम मिलता है। पपीता प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है। प्रोटीन का पाचन सही तरीके से नहीं होने से भी गठिया, कब्ज, अर्थराइटिस आदि हो सकते है। सुन्न पड़े अंग पर सिकाई करने से उसमे रक्त संचार ठीक होता है।

पपीता में पापेन और चयमोपपेन नामक दो प्रोटीन पाचन एंजाइम्स होते हैं जो संधिशोथ से जुड़ी सूजन को बहुत कम कर सकते हैं। पपीते में पाये जाने वाले एंजाइम भी अर्थराइटिस से बचाव करते है। विटामिन ए, सी और ई की उच्च सामग्री और बीटा कैरोटीन भी सूजन को कम करने में बहुत प्रभावी होते हैं। पपीता खाने से इनसे बचाव हो सकता है।

गले के टांसिल में लाभकरी

गले में सूजन और दर्द होने पर एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच पपीते का दूध मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

बालो के लिए लाभकारी – पपीता में बहुत से खनिजों, विटामिन और एंजाइमों से भरपूर होता है जो बालों के विकास और ताकत को बढ़ावा देता है। जो बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। बालों के लिए पपीता के लाभों का आनंद पपीता युक्त बाल उत्पाद का नियमित रूप से सेवन करके ले सकते हैं। पपीता का प्रयोग रूसी से छुटकारा पाने के लिए भी किया जा सकता है। आप अपने सुस्त, बेजान और बिखरे बालों में घनत्व व चमक लाने के लिए पपीता के पत्ते के अर्क को कंडीशनर के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

पपीता के अन्य फायदे

१- पपीता खाने से सर्दी, खांसी, जुकाम आदि बीमारियाँ नहीं होती है।
२- पपीते का उपयोग जैम तथा जेली बनाने में भी किया जाता है।
३- पपीता दातो के लिए लाभकारी होता है जब दातो में खून आता है उसके लिए फायदे है।
४- किसी व्यक्ति को पीलिया होने पर पपीता बहुत ही फायदेमंद होता है।
५- पपीता आँखो के लिए फायदे मद है।
६- किसी व्यक्ति को पीलिया होने पर पपीता बहुत ही फायदेमंद होता है।

पपीता से नुकसान

१- लेटेक्स की उपस्थिति के कारण, पपीता गर्भाशय के संकुचन का कारक बन सकता है, जिससे गर्भपात, समय से पहले प्रसव दर्द, शिशु में असामान्यताएं और यहां तक कि बच्चा मरा हुआ भी पैदा हो सकता है। अतः गर्भावस्था के दौरान सख्ती से पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए।
२- नियमित और अधिक मात्रा में पपीता खाने से इसमें मौजूद बीटा केरोटीन त्वचा के रंग को प्रभावित कर सकता है। स्किन के कलर में पीलापन दिख सकता है
३- पपीता का अत्यधिक सेवन गुर्दे के पत्थर के गठन को प्रोत्साहित कर सकता है।
४- अल्सर होने पर या खून को पतला करने वाली दवा लेने वालों को भी डॉक्टर से पूछ कर ही पपीते का सेवन करना चाहिए।
५- जो लोग रक्त पतला करने वाली दवाइयों का सेवन करते हैं, उन्हें भी पपीते के सेवन का नहीं करना चाहिए।
६- बहुत अधिक पपीता खाने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में समस्या उत्पन्न हो सकती है।

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