पत्तेदार मेथी के गजब फायदे और नुक़सान

इस दुनिया में हरी पत्तेदार वाली सब्जिया बहुत सी होती है। हरी मेथी के पत्ते वाली सब्जी उनमे से एक है। हरी मेथी में फास्फोरस, कार्बोहाईड्रेट, वसा, लोहा, विटामिन “सी”, फाइबर, पोटैशियम, ट्राइगोनेलिन एल्केलाइड्स, गोंद, लेसीथिन, एलब्युमिन प्रोटीन, आदि चीज़े बहुत अधिक मात्रा में उपस्थित होता है। हरी मेथी में पीले रंग के रंजक तत्व भी पाए जाते है। हरी मेथी को लैटिन भाषा में ‘ग्रीक घास’ कहते है। तमिल में मेथी के पत्ते को ‘मीन्थिकोरा’ कहते है। मलयालम में इसको ‘मिथ्या सोपु’ कहते है। बंगाली में मेथी के पत्ते को ‘मेथी साग’ कहते है। मेथी के पत्ते को ‘कसूरी मेथी’ कहते है। चोट व सूजन में मेथी दाना की पोटली को गुनगुना करके चोट व सूजन पर सेकाई करने से सूजन ठीक हो जाती है।

त्वचा के लिए फायदेमंद

मेथी के पत्ते को भिगो कर उसका पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा साफ़ और कोमल दिखाई देती है। मेथी के पत्ते के अंदर म्‍यूसीज पाया जाता है। मेथी के पत्ते में चिपचिपा पोषक पदार्थ पाया जाता है, जो त्वचा को शुष्क होने से बचाता है। मेथी को पीस कर उसका पेस्ट बनाकर फेस पर लगाने से काले दाग हट जाते है। मेथीके पत्ते फेस पर आये हुए सूजन को कम करते है। मेथी के पत्तों के रस में नींबू का रस और शहद मिलाकर शरीर पर मलने से त्वचा में निखार आता है।

कैंसर के लिए फायदेमंद

मेथी का रस बनाकर उसमे पीसा जीरा, सेंधा नमक डालकर पीने से कैंसर की बीमारी होने संभावना ख़त्म हो जाती है। सुबह खाली पेट मेथी के पत्ते को चबाकर खाने से मुँह का कैंसर नहीं होता है। करेला और मेथी के पत्ते को पीसकर पीने से भी कैंसर खत्म हो जाता है। मेथी मे उपस्थित फाइबर हमारे शरीर में हानि पहुंचाने वाले तत्‍वों को इक्‍हट्टा कर बाहर निकालने में मदद करते है।

महिलाओं के स्तनपान में फायदेमंद

मेथी के पत्तियों को सुखाकर उसका पावडर बनाकर स्तनपान कराने वाली महिलाओं के अंदर दूध उत्‍पादन को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही साथ इसको चाय के साथ लेने से भी दूध की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। यदि महिलाओ के स्तन में दर्द, सूजन, चिलकन होने पर मेथी के पत्तो को पीसकर उसका लेप ४ घंटे लगाने के बाद उसको ठण्डा पानी से धोले। महिलाओ के छोटे स्तन को बड़ा करने के लिए मेथी पत्ते को सुबह खाली पेट चबाकर खाना चाहिए। क्योंकि मेथी के पत्तो में डायस्जेनिन हार्मोन होता है जो स्तनों को विकसित करता है।

बुखार और सर्दी के लिए फायदेमंद

विद्वानो के अनुसार मेथी बुखार कम करने की चमत्कारी दवा बताया गया है। बुखार आने पर मेथी का रस, शहद, नींबू का रस और सेंधा नमक को मिलाकर उसका घोल पीये। साथ ही साथ यह मिश्रण का घोल गले की खरास,खासी और दर्द से भी बहुत जल्दी आराम दिलाता है। अगर किसी व्यक्ति को सभी मौसम में सर्दी-जुकाम होता है, वो मेथी के पत्ते की सब्जी को ज्यादा-से ज्यादा अपने दैनिक जीवन में उपयोग में लाये।

अन्य फायदे

●मेथी पत्तेदार हरी सब्जी खाने से पाचन तंत्र सही रहता है।
●मेथी के पत्ते को पीसकर नहाने के आधे घंटे पहले बालो में लगाने से रूसी जल्दी ख़त्म हो जाती है।
●मेथी के पत्ते के रस को लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाता है।
●गठिया के दर्द से बचने के लिए ऱोजाना मेथी के पत्ते की सब्जी खानी चाहिए।
●हड्डी के टूटने पर यदि हमारे शरीर के अन्दर के किसी भी भाग की हड्डी टूट गई हो और वह जुड़ने की सामर्थ्य हो तो मेथी के पत्तो का सेवन दिन में दो बार करने से लाभ मिलता है।
●मेथी की पत्त‍ियों का रस निकालकर, छोटे बच्चे को एक चम्मच प्रतिदि‍न पिलाने पर पेट के कीड़े समाप्त हो जाते है।
●मेथी की हरी पत्त‍ियों की सब्जी में प्याज डालकर खाना आपको रक्तचाप की समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायता करेगा।
●मेथी, हल्दी, आँवला, को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर उसको पीसकर चूर्ण बनाकर रोज़ सुबह फाकने से मधुमेह की शिकायत ख़त्म हो जाती है।

नुक़सान

●गर्भावस्‍था के दौरान मेथी की चाय पीने से बच्‍चों के समझने की शक्ति कम हो जाती है।
●ज्यादा मेथी खाने से दस्त होने लगता है।