आँवला खाने के फायदे और नुकसान

आँवला का वनस्पति नाम “एम्बलोका ऑफिजिनालिस या फ़िलेंथस इम्ब्लिका” है। जबकि संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी व पंचरसा कहते है। संसार में बहुत सा फल पाया जाता है। उनमे से एक फल आँवला ऐसा है, जो जड़ी बूटियों का काम करता है।आँवला खाने से एनीमिया होने का खतरा कम हो जाता है, और स्मरण शक्ति बढ़ती है। १०० बीमारियों की एक दवा यह होता है। कच्चे आँवला का स्वाद बहुत कसैला-मीठा होता है। आँवला का मुरब्बा बनाकर सुबह खाने से पेट में गैस नहीं बनती है। आँवला में विटामिन “सी” और विटामिन “ए” उपस्थित पायी जाती है।

बालों को मजबूत बनाने में फायदेमंद

यह एंटीऑक्सीडेंट बालों के पिग्मेंटेशन को समृद्ध करता है। बाल सफेद होने पर तुरंत आँवला पाउडर का मिश्रण बनाकर बालो पर लगाने से सिर की त्वचा को पोषण मिलता है और बाल सफेद नहीं होता है। महिला और पुरुष बालो के बहुत झड़ने और गंजे होने की समस्या से परेशान रहते है। आँवला ही बालो के झड़ने की समस्या से आराम दिला सकता है। क्योंकि इसमें विटामिन “सी” प्रचुर मात्रा में होता है। आँवला और शिकाकाई पाउडर का मिश्रण प्राकृतिक रूप से बालों को रंग देने के लिए उपयोग में किया जा सकता है। आँवला बालों में होने वाली रुसी को कम करता है क्योकि इसमें एंटीबैक्टीरियल का गुण होता है। आँवला बालों को चमकदार, घने, लम्बे बनाने में सर्वाधिक मदद करता है।

आँवला दाँतो और गले की खराश में फायदेमंद

आँवला को कच्चा चबा-चबा कर खाने से दाँतो के अंदर बैक्टीरिया से होने वाली परेशानी ख़त्म हो जाती है। आँवला गले को स्वस्थ रखने में सहायता करता है। भोजन को मानव शरीर का ईंधन कहा जाता है लेकिन मज़बूत और स्वस्थ दाँतों के बिना हम अन्न ग्रहण करने में असमर्थ होते है। मानव के दाँतो को मजबूत बनाने में आँवला बहुत लाभकारी होता है। गले में खराश होने पर आंवले के जूस में एक चम्मच शहद और बारीक़ कटा हुआ अदरक मिलाकर सुबह खली पेट पीने से बहुत जल्दी खराश में आराम मिलता है।

आँवला त्वचा के लिए फायदेमंद

आँवला के जूस का सेवन करने से आपकी त्वचा में निखार आता है। आँवला मानव चेहरे के लिए चमत्कारी होता है। दैनिक जीवन में दो चम्मच आंवला रस पिएं अथवा त्वचा पर आंवला का रस लगाये। आँवला के अंदर विटामिन “सी”, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग और विरोधी बैक्टीरियल गुणो से भरपूर होता है। आँवला दाग, मुंहासे, क्षतिग्रस्त कोशिकाओं और झुर्रियों को भी दूर करने में सहायता करता है। आँवला प्राकृति रूप से ठंडा होता है। ऑयली और मुहाँसे वाली त्वचा को ठीक करने के लिए आँवला का पॉवडर और नींबू का रस मिलाकर फेस पैक बनाकर चेहरे पर लगाने से फेस ऑयली नहीं दिखाई देता है। आँवला पॉवडर और जैतून के तेल को मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से धूल और गन्दगी को हटाने में मदद मिलती है।

आँवला और अल्सर में फायदेमंद

आँवला विभिन्न प्रकार के विटामिनों और खनिजों से परिपूर्ण होता है। आँवला के रस को नाखूनों पर लगाने से नाख़ून सुंदर और मजबूत लम्बा दिखाई देता है। आँवला का रस रोजाना पीन से नाज़ुक एवं भंगुर नाखूनो को अलविदा कह देते है। आँवला का जूस अल्सर में बहुत कारगर साबित हुआ है। आँवला हमारे दैनिक जीनव के लिए अमृत है।

वजन में फायदेमंद

आँवला शरीर की ऊर्जा को बढ़ाता है। आँवले की सहायते से आप बहुत जल्दी वजन कम कर सकते है। और यह आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है। आँवला वसा को घटाने तथा इसका रस उपापचयी क्रियाओं में सुधार लाता है। आँवला हमारे शरीर की कैलोरी को जलाता है। आँवला शरीर की गंदगी को साफ़ करता है। आँवला प्रोटीन युक्त फल होता है।

गर्भावस्था में फायदेमंद

आँवला स्त्री और पुरुष दोनों की फर्टिलिटी को बढ़ाता है। आँवला स्त्री को स्वस्थ गर्भ धारण करने में काफी हद तक मदद करता है। आँवला पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार लाता है।

अन्य फायदे

रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर, प्रतिदिन आंवले के रस का सेवन करना काफी लाभप्रद होता है। पथरी की समस्या में भी आंवला कारगर उपाय साबित होता है। बुखार से छुटकारा पाने के लिए आँवले के रस में छौंक लगाकर इसका सेवन करना चाहिए। आँवला का सेवन करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है। आँवला में क्रोमियम तत्व पाया जाता है, जो शुगर में लाभकारी होता है। आँवला के रस में शहद मिलाकर लेने से शुगर के मरीज को बहुत फायदा होता है। आँवला कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकता है। आँवला मूत्र प्रणाली को स्वस्थ रखता है। आँवला खाने से मासिक धर्म में दर्द कम हो जाता है।

नुक़सान

आँवले को अधिक मात्रा में खाने से गर्भवती महिलाओं की पाचन शक्ति पर असर पर सकता है। आँवले का सेवन लम्बे समय तक किया जाये तो पथरी को भी जन्म दे सकता है। हृदय रोगियों को आँवलेका सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए। आँवला का अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो यह पेशाब में जलन का भी कारण बन सकता है।